Krishna Name: क्या आपको पता है? भगवान् श्री कृष्ण को देश विदेश में किस नामो से जाना जाता है, श्री कृष्ण के बारे में रोचक जानकारी

हिन्दू धर्म में भगवान् श्री कृष्ण के अनेको रूपो के बारे मे बताया गया है. हर काल में श्री कृष्ण के अवतारों को अलग अलग नाम से जाना जाता है. भारत के हर राज्य में आपको इनका मंदिर मिल जायेगा, जो अनोखा और भव्य होता है.उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृन्दावन शहर में श्री कृष्ण के हजारो मंदिर मिल जायेगे, जहा हर साल लाखो लोग देश विदेश से दर्शन करने आते है. हिन्दू मान्यता के अनुसार श्री कृष्ण जी के अनेखो रूप की किसी ना किसी नाम से जाना जाता है. भारत देश में ही नहीं विदेशो में इनकी पूजा होती है और इनको किसी ना किसी नाम से जानते है.

यहा हमने श्री कृष्ण के नाम की लिस्ट(krishna name list in hindi) तैयार की है यहाँ आप जान पायेगे कि भारत के किन राज्यों में श्री कृष्ण की किन नामो से पुकारा जाता है, इनके नाम के साथ कुछ रोचक जानकारी दी गयी है जिसे आप नहीं जानते होगे.

भगवान् श्री कृष्ण के बारे में रोचक जानकारी

  1. श्रीकृष्ण के दादा का नाम शूरसेन था और इनके पिता का नाम वसुदेव था जिनको “वासुदेव” के नाम से जाना गया.
  2. राजा कंस की जेल में भगवान् श्री कृष्ण ने जन्म लिया था.
  3. उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में श्री कृष्ण ने जन्म लिया.
  4. श्री कृष्ण का नामकरण महर्षि गर्ग ने किया था।
  5. कंस के हाथो मरने से बचाने के लिए बाल रूप श्रीकृष्ण को वासुदेव ने वृन्दावन ले गए.
  6. बलराम श्री कृष्ण के भाई थे इनके दो चचेरे भाई और थे, जिनका नाम उद्धव और अंगिरस था.
  7. अंगिरस ने बाद में तपस्या की थी और जैन धर्म के तीर्थंकर नेमिनाथ के नाम से विख्यात हुए थे।
  8. श्री कृष्ण की एक ही मूल पटरानी थी जिनका नाम रुक्मणी था जो महाराष्ट्र के विदर्भ राज्य के राजा रुक्मी की बहन थी।
  9. श्री कृष्ण का शत्रु रुक्मी था जो शिशुपाल का मित्र था.
  10. भगवान् श्री कृष्ण के कुलगुरु महर्षि शांडिल्य थे।
  11. श्री कृष्ण का समधी दुर्योधन था और उसकी बेटी लक्ष्मणा का विवाह श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब के साथ हुआ था।
  12. श्री कृष्ण के धनुष का नाम सारंग था। शंख का नाम पाञ्चजन्य था। चक्र का नाम सुदर्शन था।
  13. श्री कृष्ण का नामकरण महर्षि गर्ग ने किया था।
  14. श्री कृष्ण के बड़े पोते का नाम अनिरुद्ध था जिसके लिए श्री कृष्ण ने बाणासुर और भगवान् शिव से युद्ध करके उन्हें पराजित किया था।
  15. श्री कृष्ण विद्या अर्जित करने हेतु मथुरा से उज्जैन मध्य प्रदेश आये थे। और यहाँ उन्होंने उच्च कोटि के ब्राह्मण महर्षि सान्दीपनि से अलौकिक विद्याओं का ज्ञान अर्जित किया था।।

श्री कृष्ण की कुल 125 वर्ष धरती पर रहे । उनके शरीर का रंग गहरा काला था और उनके शरीर से 24 घंटे पवित्र अष्टगंध महकता था। उनके वस्त्र रेशम के पीले रंग के होते थे और मस्तक पर मोरमुकुट शोभा देता था। उनके सारथी का नाम दारुक था और उनके रथ में चार घोड़े जुते होते थे। उनकी दोनों आँखों में प्रचंड सम्मोहन था।

उनकी आह्लादिनी शक्ति का नाम राधारानी था जो बरसाना के सरपंच वृषभानु की बेटी थी। श्री कृष्ण राधारानी से निष्काम और निस्वार्थ प्रेम करते थे। श्री कृष्ण ने 14 वर्ष की उम्र में वृंदावन छोड़ दिया था।। और उसके बाद वो राधा से कभी नहीं मिले।

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भगवान् श्री कृष्ण के पुकारे जाने बाले नाम (krishna name list)

देश-विदेशश्री कृष्ण के नाम
उत्तर प्रदेशकृष्ण या गोपाल गोविन्द इत्यादि
राजस्थानश्रीनाथजी या ठाकुरजी
महाराष्ट्रविट्ठल
उड़ीसाजगन्नाथ
बंगालगोपालजी
दक्षिण भारतवेंकटेश या गोविंदा
गुजरातद्वारिकाधीश
असम ,त्रिपुरा,नेपाल इत्यादि पूर्वोत्तर क्षेत्रों मेंकृष्ण
मलेशिया, इंडोनेशिया, अमेरिका, इंग्लैंड, फ़्रांस इत्यादि देशों मेंकृष्ण
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श्री कृष्ण को गोविन्द क्यों कहते है?

गोविन्द या गोपाल में “गो” शब्द का अर्थ गाय एवं इन्द्रियों , दोनों से है। गो एक संस्कृत शब्द है और ऋग्वेद में गो का अर्थ होता है मनुष्य की इंद्रिया…जो इन्द्रियों का विजेता हो जिसके वश में इंद्रिया हो वही गोविंद है गोपाल है।

श्री कृष्ण ने 16000 राजकुमारियों से विवाह क्यों किया?

असम के राजा नरकासुर की कारागार में कई राजकुमारियों बंदी थी. 16000 राजकुमारियों को श्री कृष्ण ने असम के राजा नरकासुर की कारागार से मुक्त कराया था. उस युग में हरण की हुयी स्त्री को अछूत समझा जाता था. जिसके कारण राजकुमारियों को आत्महत्या से रोकने के लिए मजबूरी में उनके सम्मान हेतु उनसे विवाह किया था।

भगवान श्री कृष्ण स्वलोक धाम कब गए?

श्री कृष्ण को ज़रा नाम के शिकारी का बाण उनके पैर के अंगूठे में लगा वो शिकारी पूर्व जन्म का बाली था,बाण लगने के पश्चात भगवान स्वलोक धाम को गमन कर गए।

द्वारिका को किसने बसाया ?

श्री कृष्ण ने गुजरात के समुद्र के बीचो बीच द्वारिका नाम की राजधानी बसाई थी। द्वारिका पूरी सोने की थी और उसका निर्माण देवशिल्पी विश्वकर्मा ने किया था।

किस कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण ने दिया गीता का ज्ञान?

श्री कृष्ण ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अर्जुन को पवित्र गीता का ज्ञान रविवार शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मात्र 45 मिनट में दे दिया था।

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