Vastu Tips For Shop: व्यापार में वृद्धि और बिक्री बढाने के लिए दुकान में गणेश जी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए?

भारतीय परंपरा में देवी-देवताओं की पूजा का महत्व हमेशा से ही ऊचा रहा है, गणेश जी की मूर्ति को व्यापार की दुनिया में महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है। किसी भी काम को करने के लिए सबसे पहले गणेश जी का पूजन होता है. अगर आप व्यापार में वृद्धि चाहते है तो गणेश जी की मूर्ति के बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी है. गणेश जी सुख, समृद्धि, और सौभाग्य के प्रतीक के रूप में माने जाते हैं. आप कोई दूकानदार या ऑफिस चलाते है यो फिर नए व्यापार की सुरुबात करने के लिए अपने दूकान पर पूजन करने के बारे में सोच रहे है जिसके लिए आपको गणेश जी की मूर्ति लेनी है लेकिन दुकान में गणेश जी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए? ताकि व्यापार में वृद्धि हो सके।

दुकान में गणेश जी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए?

गणेश, जिन्हें ‘प्रथमेश्वर’ कहा जाता है, बुद्धि के देवता के रूप में पूजे जाते हैं और वे सुख-समृद्धि के स्थानीय देवता भी हैं। हर वर्ष, भारत में गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया जाता है, जिसमें घर, दुकान, पंडाल, और मंदिरों में गणेश जी की मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं और उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद, ग्यारह दिनों की पूजा के बाद, मूर्तियाँ विसर्जित की जाती हैं। इस प्रकार की पूजा करने से भक्तों पर भगवान की कृपा सदैव बनी रहती है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

  1. गणेश जी की मूर्ति खंडित नहीं होनी चाहिए.
  2. दुकान में रखने वाली गणेश जी मूर्ति का आकार एक हाथ के बराबर होना चाहिए.
  3. गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर का मुख दक्षिण दिशा में होना चाहिए.
  4. गणेश जी की सूंड बाएं हाथ की ओर होनी चाहिए.
  5. दुकान में गणेश जी और लक्ष्मी जी की आरती दोनों करी चाहिए.
  6. गणेश जी की मूर्ति को हर रोज एक लडू का भोग लगाना चाहिए.

दुकान में गणेश जी की खंडित मूर्ति ना रखे

यदि आप अपने दुकान या कार्यालय में गणेश जी की मूर्ति रखने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह एक बहुत उत्तम विचार हो सकता है। लेकिन जब भी आप दुकान के लिए गणेश जी की मूर्ति ले रहे हो तो याद रखे मूर्ति कही से भी खंडित नहीं होनी चाहिए.गणेश जी की मूर्ति को सही स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे आपके व्यापार में वृद्धि और प्रगति हो सकती है। इस प्रकार, आपके व्यापार या कार्यक्षेत्र में समृद्धि के लिए इस धार्मिक प्रतीक का उपयोग करना एक शुभ निर्णय हो सकता है। अगर किसी कारण से मूर्ति टूट जाए तो क्या करना चाहिए?- गणेश जी की खंडित मूर्ति किसी साफ़ नदी या तालाब में बिसर्जन कर देना चाहिए.

गणेश जी की सूंड को सही दिशा में होना

जब भी आप अपने घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं, तो यह ध्यान रखें कि गणेश जी की सूंड बाएं हाथ की ओर होना चाहिए। यह मान्यता प्राप्त है कि इस प्रकार की मूर्ति से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। गणेश जी की मूर्ति को सही दिशा में स्थापित करके आप अपने घर में पौराणिक और धार्मिक माहौल को बनाए रख सकते हैं और अपने जीवन को आशीर्वाद से समृद्धि में परिणामित कर सकते हैं।

दुकान में गणेश जी की मुख दिशा

श्री गणेश की मूर्ति स्थापित करते समय यह हमेशा ध्यान देना चाहिए कि भगवान गणेश का मुख दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे दुकान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। भगवान गणेश की तस्वीर घर में लगाते समय यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि तस्वीर या मूर्ति में मोदक और चूहा भी हो, जिससे घर में बरकत आ सकती है।

दुकान में गणेश जी के साथ रखे इन देवी देवताओ की मूर्ति

व्यावसायिक सफलता के लिए, कार्य क्षेत्र में मां सरस्वती, देवी लक्ष्मी, हनुमान जी और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दुकान के पूजा के मंदिर के आसपास कोई सीलिंग नहीं हो और इसे साफ रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

दुकान में किस तरह की मूर्ति रखे?

वास्तु शास्त्र के अनुसार मिट्टी, गाय के गोबर, धातु, या क्रिस्टल से बनी मूर्तियो को दुकान में रख सकते है और ये मुर्तिया सौभाग्यशाली मानी जाती हैं। जो लोग अपनी दुकान में व्यापार में वृद्धि और बिक्री बढाने के लिए गणेश जी की मूर्ति पर सिन्दूर रंग से पूजा करते है। कहा जाता है की उनके साथ सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी हो जाती है।