नंदी के कान में बोलने से क्या होता है

हिन्दू मान्यता के अनुसार भगवान शिव समाधिस्थ रहते है और बंद आंखों से सम्पूर्ण जगत का संचालन करते है. 

जब भी आप शिव मंदिर में जाते है तो उनके ठीक सामने नंदी को बैठा देखा होगा. और बहुत से लोग नंदी के कान में कुछ ना कुछ बोलते है. 

नंदी के कान में बोलने से पहले शिव की पूजा करनी चाहिए और "ॐ नमः शिवाय" का उचारण मन में 11 बार करना चाहिए.

कोई भी मनोकामना हो वो शिव जी तक पहुचना हो तो नंदी जी की पूजा करनी चाहिए. 

नंदी को भगवान शिव की सवारी कहा जाता है. नंदी जी उनकी समाधि के बाहर बैठे रहते है 

भगवान शिव की समाधि में विघ्न न हो तो भक्त अपनी मनोकामना को नंदी जी के कान में कह देते है 

नंदी के कान में अपनी मनोकामना करते समय धीमें से कहें आपके पास खड़े व्यक्ति को भी उस बात का पता ना लगे। 

नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहने से पहले नंदी का पूजन करें और मनोकामना कहने के बाद नंदी का भोग अवश्य रखें।